
ऑपरेशन जागृति से लॉ स्टूडेंट्स को किया जागरूक
भविष्य के वकीलों को दी गई अहम सीख
मथुरा, राकेश सिसौदिया। अब महिलाएं सिर्फ शिकार नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा की ढाल खुद बनेंगी। इसी कड़ी में मथुरा पुलिस ने ऑपरेशन जागृति और मिशन शक्ति के तहत बीएसए कॉलेज में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। जहां लॉ स्टूडेंट्स को साइबर अपराध, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और महिला सुरक्षा कानूनों के बारे में जरूरी जानकारी दी गई। पुलिस ने साफ कहा अगर कोई साइबर स्टॉकर या डिजिटल ब्लैकमेलर आपके रास्ते में आए तो घबराने की जरूरत नहीं, बस स्मार्ट बनो और सही कदम उठाओ।जनपद की एंटी रोमियो टीम प्रभारी अलका रानी कहा कि सोशल मीडिया अब सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों के लिए शिकार ढूंढने का नया हथियार बन गया है। उन्होंने फेक प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग, मॉर्फिंग, स्टॉकिंग और डिजिटल फ्रॉड जैसे मामलों से बचने के लिए जरूरी टिप्स दिए।
उन्होंने बताया कि अक्सर महिलाएं अपराध होने के बाद डर और शर्म के कारण शिकायत दर्ज नहीं करातीं, लेकिन अब समय बदल चुका है। पुलिस हेल्पलाइन और साइबर सेल से संपर्क करने में जरा भी देर मत करो।
महिला सुरक्षा कानून, हथियार या हथकड़ी?
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग पर भी चर्चा हुई। कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। लेकिन झूठे मुकदमों से कई निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद हो जाती है। एंटी रोमियो टीम प्रभारी ने छात्रों को न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों को सही सलाह देने के लिए प्रेरित किया। अभियान में लॉ स्टूडेंट्स को पॉक्सो एक्ट और कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें यह समझाया गया कि एक अच्छा वकील न सिर्फ अपराधियों को सजा दिलाता है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को न्याय भी दिलाता है। ऑपरेशन जागृति का मकसद साफ है- सजग बनो, सुरक्षित रहो और बिना डरे अपनी आवाज उठाओ।
यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम में बीएसए कॉलेज के प्राचार्य ललित मोहन, एंटी रोमियो टीम से अनुज प्रताप सिंह, अनामिका सिंह, दीपा यादव, लॉ फैकल्टी स्टाफ समेत कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।