
बरेली, नव निर्माण भारत। यूपी पीएसी की आठवीं बटालियन में सनसनी मच गई जब एक जवान की प्यार, धोखा और कत्ल से सजी खौफनाक कहानी का पर्दाफाश हुआ। एक पति जिसने सात फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसम खाई थी। वही अपनी पत्नी के लिए जल्लाद बन गया। वजह थी एक औरत का प्यार। जिसके लिए उसने ऐसा खेल रचा कि पुलिस भी हैरान रह गई।
पीएसी जवान रवि कुमार की शादीशुदा जिंदगी के पीछे एक ऐसा राज छिपा था। जिसे जानकर किसी की भी रूह कांप जाए। उसकी शादी को कुछ साल हुए थे। तीन बेटियां भी थीं। लेकिन दिल किसी और पर आ गया। वह अपनी पत्नी मीनू से छुटकारा पाना चाहता था। लेकिन तलाक से नहीं… सीधे मौत से।
रवि ने अपनी पत्नी की हत्या की सुपारी दी डेंटिंग-पेंटिंग मिस्त्री शानू को। शानू ने इसमें अपने साथी नर्सिंग असिस्टेंट जतिन को भी मिला लिया। तीनों ने मिलकर एक परफेक्ट मर्डर की साजिश रची—कोई खून नहीं, कोई हथियार नहीं…सिर्फ एक जहरीला इंजेक्शन।
सात जहर के इंजेक्शन ने ली मीनू की जान
बीती 22 फरवरी को रवि अपनी पत्नी मीनू को दवा दिलाने के बहाने पीएसी परिसर से बाहर लेकर निकला। रास्ते में पहले से तय प्लान के मुताबिक शानू और जतिन गाड़ी में बैठ गए। जतिन के पास था 65 एमएल जहर जिसे उसने सिरिंज में भर रखा था। गाड़ी कुछ दूर चलते ही मौत का खेल शुरू हो गया। शानू ने मीनू के हाथ पकड़ लिए और जतिन ने एक के बाद एक सात इंजेक्शन उसके शरीर में उतार दिए। जहर तेजी से असर करने लगा। मीनू की आंखें झपकने लगीं, सांसें धीमी पड़ने लगीं…और चंद मिनटों में उसकी दुनिया हमेशा के लिए अंधेरी हो गई।
अब बारी थी इस हत्या को लूट की वारदात दिखाने की। रवि ने तुरंत अपने दोस्त संजय सैनी को फोन किया बोला “भाई तीन-चार बदमाशों ने हमला कर दिया, मेरी बीवी को लूटकर मार डाला।”
लेकिन पुलिस भी इतनी आसान शिकार नहीं थी। मौके पर पहुंची तो रवि कुमार लिप्टिस के बाग में बेसुध पड़ा था और कार में मीनू की लाश थी। पुलिस को रवि की कहानी में झोल नजर आया। जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाली गई तो एक नंबर पर उसकी लगातार बातचीत ने पूरी साजिश का राज़ खोल दिया।
बेटियां बनीं गवाह, भूत-प्रेत की अफवाह से भी नहीं बच पाया हत्यारा
रवि के झूठ की परतें खुलती चली गईं। उसकी तीन बेटियों ने बताया कि पापा मम्मी को रोज पीटते थे। वो मीनू को लेकर अफवाह फैलाता था कि उस पर भूत-प्रेत का साया है, ताकि लोग उसकी हत्या को बीमारी समझें।
मुकेश मिश्रा, एसपी उत्तरी ने बताया ये कत्ल सिर्फ एक इंसान की हत्या नहीं बल्कि इंसानियत के खिलाफ गुनाह है। रवि, शानू और जतिन को पकड़ लिया गया है। अब जल्द ही कोर्ट में उनका फैसला होगा और इस इश्किया हत्याकांड की कहानी सलाखों के पीछे खत्म होगी।